महीने में दो बार पीरियड (मासिक धर्म) आना कुछ स्थितियों में सामान्य हो सकता है, लेकिन बार-बार ऐसा होना किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
महीने में दो बार पीरियड आना क्या सामान्य है?
महीने में दो बार पीरियड आना, जिसे कुछ स्थितियों में पॉलीमेनोरिया (Polymenorrhea) कहा जाता है, हमेशा पूरी तरह सामान्य नहीं होता, हालांकि कुछ मामलों में ऐसा होना सामान्य हो सकता है। आमतौर पर मासिक चक्र 21 से 35 दिनों का होता है। यदि किसी महिला का चक्र छोटा है, तो कैलेंडर के एक ही महीने में दो बार पीरियड आ सकता है।
उदाहरण के लिए, यदि महीने की शुरुआत में पीरियड आया और मासिक चक्र लगभग 21 दिनों का है, तो अगला पीरियड उसी महीने के अंत में शुरू हो सकता है। लेकिन यदि एक पीरियड खत्म होने के केवल 10 या 15 दिन बाद दोबारा रक्तस्राव होने लगे, तो यह जरूरी नहीं कि दूसरा सामान्य पीरियड हो। यह बीच में होने वाला असामान्य रक्तस्राव भी हो सकता है, इसलिए बार-बार ऐसा होने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।
महीने में दो बार पीरियड आने के कारण क्या हो सकते हैं?
महीने में दो बार पीरियड आने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें कुछ सामान्य कारण शामिल हैं:
1. हार्मोन में बदलाव
मासिक धर्म को नियंत्रित करने वाले हार्मोन में बदलाव होने पर पीरियड समय से पहले या बाद में आ सकता है। किशोरावस्था और रजोनिवृत्ति के आसपास मासिक चक्र में अनियमितता अधिक देखी जा सकती है।
2. तनाव और चिंता
लगातार तनाव, चिंता या मानसिक दबाव शरीर के हार्मोन को प्रभावित कर सकता है। इसके कारण मासिक चक्र में बदलाव और अनियमित रक्तस्राव हो सकता है।
3. वजन में अचानक बदलाव
बहुत तेजी से वजन बढ़ना या कम होना भी मासिक धर्म को प्रभावित कर सकता है। अत्यधिक व्यायाम या पर्याप्त भोजन न लेने से भी कुछ महिलाओं में पीरियड अनियमित हो सकता है।
4. पीसीओएस
पीसीओएस में अंडोत्सर्ग नियमित रूप से न होने के कारण मासिक धर्म अनियमित हो सकता है। कुछ महिलाओं में पीरियड जल्दी आ सकता है, जबकि कुछ महिलाओं में लंबे समय तक पीरियड नहीं आता।
5. गर्भाशय से जुड़ी समस्याएं
गर्भाशय में गांठ, पॉलिप या अन्य समस्या के कारण पीरियड के बीच रक्तस्राव हो सकता है। इसलिए हर बार बीच में होने वाले रक्तस्राव को दूसरा पीरियड समझना सही नहीं है।
6. थायरॉइड की समस्या
थायरॉइड हार्मोन में बदलाव मासिक चक्र को प्रभावित कर सकता है। इसके कारण पीरियड जल्दी, देर से या अनियमित हो सकता है।
7. गर्भनिरोधक साधनों का प्रभाव
कुछ गर्भनिरोधक गोलियों या अन्य हार्मोन आधारित गर्भनिरोधक साधनों के कारण शुरुआत में अनियमित रक्तस्राव हो सकता है।
10 दिन में पीरियड आना क्या बताता है?
यदि एक पीरियड खत्म होने के लगभग 10 दिन बाद फिर से रक्तस्राव शुरू हो गया है, तो इसे हमेशा सामान्य पीरियड नहीं माना जाना चाहिए। इसके पीछे हार्मोन में बदलाव, अंडोत्सर्ग के समय होने वाला हल्का रक्तस्राव, गर्भाशय से जुड़ी समस्या या अन्य कारण हो सकते हैं।
यदि ऐसा केवल एक बार हुआ है और रक्तस्राव बहुत कम है, तो कुछ समय तक अपने मासिक चक्र पर नजर रखी जा सकती है। लेकिन यदि 10 दिन में पीरियड आना बार-बार हो रहा है, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।
15 दिन में पीरियड आना कैसे रोकें?
15 दिन में पीरियड आना कैसे रोकें, इसका कोई एक घरेलू उपाय नहीं है। सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि रक्तस्राव इतनी जल्दी क्यों हो रहा है।
बिना कारण जाने पीरियड रोकने की दवा लेना उचित नहीं है। डॉक्टर आपकी उम्र, मासिक चक्र, रक्तस्राव की मात्रा, गर्भधारण की संभावना और अन्य लक्षणों को ध्यान में रखकर आवश्यक जांच और उपचार की सलाह दे सकते हैं।
यदि गर्भधारण की संभावना है और असामान्य रक्तस्राव हो रहा है, तो गर्भावस्था की जांच भी आवश्यक हो सकती है।
महीने में दो बार पीरियड आने के घरेलू उपाय
यदि समस्या केवल एक बार हुई है और रक्तस्राव बहुत अधिक नहीं है, तो शरीर का ध्यान रखने के लिए कुछ सामान्य उपाय अपनाए जा सकते हैं:
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पर्याप्त पानी पिएं।
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संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।
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पालक, चना, दाल, राजमा और तिल जैसे लौह तत्व वाले खाद्य पदार्थ लें।
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पर्याप्त नींद और आराम करें।
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अत्यधिक तनाव से बचने की कोशिश करें।
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पीरियड की तारीख और रक्तस्राव की मात्रा का रिकॉर्ड रखें।
ध्यान रखें कि महीने में दो बार पीरियड आने के घरेलू उपाय समस्या का स्थायी उपचार नहीं हैं। यदि इसके पीछे हार्मोन संबंधी समस्या, पीसीओएस, थायरॉइड या गर्भाशय से जुड़ी परेशानी है, तो उचित चिकित्सकीय उपचार की जरूरत हो सकती है।
महीने में दो बार पीरियड आने पर कौन-सी जांच हो सकती है?
समस्या के कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टर कुछ जांचों की सलाह दे सकते हैं। इनमें शामिल हो सकती हैं:
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गर्भावस्था की जांच
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खून की जांच
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थायरॉइड की जांच
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हार्मोन की जांच
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श्रोणि क्षेत्र का अल्ट्रासाउंड
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जरूरत के अनुसार अन्य जांच
हर महिला को सभी जांचों की आवश्यकता नहीं होती। जांच का चुनाव उसके लक्षणों और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार किया जाता है।
कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
यदि एक महीने में दो बार पीरियड लगातार कई महीनों से हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर इन स्थितियों में डॉक्टर से सलाह लें:
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10–15 दिन के अंतर पर बार-बार रक्तस्राव होना।
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रक्तस्राव बहुत अधिक होना।
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बड़े रक्त के थक्के निकलना।
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रक्तस्राव सात दिनों से अधिक रहना।
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पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द होना।
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चक्कर, अत्यधिक कमजोरी या सांस फूलना।
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संभोग के बाद रक्तस्राव होना।
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गर्भधारण की संभावना के साथ रक्तस्राव होना।
बहुत अधिक रक्तस्राव के साथ चक्कर, बेहोशी, सांस फूलना या तेज दर्द हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
निष्कर्ष
महीने में दो बार पीरियड आना हमेशा गंभीर समस्या नहीं होता। छोटे मासिक चक्र के कारण भी ऐसा हो सकता है, लेकिन 10 या 15 दिन के अंतर पर बार-बार रक्तस्राव होने पर इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके पीछे हार्मोन में बदलाव, पीसीओएस, थायरॉइड या गर्भाशय से जुड़ी समस्या हो सकती है। घरेलू उपाय केवल सामान्य स्वास्थ्य और कमजोरी संभालने में मदद कर सकते हैं; बार-बार रक्तस्राव होने पर सही कारण जानना जरूरी है। मासिक धर्म से जुड़ी किसी भी चिंता के लिए डॉ. सुमिति मेहता, गुरुग्राम की सर्वश्रेष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञों में से एक, से परामर्श लेकर उचित जांच और उपचार प्राप्त किया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या महीने में दो बार पीरियड आना सामान्य है?
यदि मासिक चक्र छोटा है, तो एक महीने में दो बार पीरियड आ सकता है। लेकिन बहुत कम अंतराल पर बार-बार रक्तस्राव होने पर इसके कारण की जांच जरूरी है।
15 दिन में पीरियड आने का कारण क्या हो सकता है?
हार्मोन में बदलाव, तनाव, पीसीओएस, थायरॉइड की समस्या, गर्भाशय से जुड़ी परेशानी या कुछ गर्भनिरोधक साधन इसके कारण हो सकते हैं।
क्या 10 दिन में पीरियड आना सामान्य है?
पीरियड खत्म होने के केवल 10 दिन बाद दोबारा रक्तस्राव सामान्य मासिक चक्र का हिस्सा जरूरी नहीं है। यदि ऐसा बार-बार हो रहा है, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
महीने में दो बार पीरियड आने के घरेलू उपाय क्या हैं?
संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और तनाव कम करना शरीर के लिए उपयोगी है। लेकिन बार-बार होने वाले रक्तस्राव का कारण जाने बिना केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
क्या पीरियड जल्दी आने पर इसे रोकने की दवा ले सकते हैं?
कुछ स्थितियों में डॉक्टर रक्तस्राव को नियंत्रित करने के लिए दवा दे सकते हैं। लेकिन दवा का चुनाव उसके कारण और महिला की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार किया जाता है। इसे अपने मन से नहीं लेना चाहिए।